Saturday, February 7, 2026

Rose day?

 बताया गया है कि आज रोज़ डे है।  
तो बताओ, आज कौन सा रोज़ दें तुम्हें - 


प्रेम वाला लाल? 


या मित्रता वाला पीला ? 
 
केवल आकर्षण वाला गुलाबी ? 


या उम्मीदों वाला केसरिया ? 


जवाब नहीं मिलेगा, पता है। 
इसीलिए शायद, 
विरह वाला सफ़ेद ही ठीक रहेगा। 
है ना?

Tuesday, January 6, 2026

मेरे मन के आँगन में इक चिड़िया सी तुम

देख रही हो मुझको यूँ प्यारी चितवन से 
दूर देस से आयी हो और दूर बैठ कर 
खेल रही हो अपने मन से मेरे मन से ! 

Taiga Flycatcher, January 2026. 

A migratory bird to central India from Taiga, Siberia. 

Sunday, October 26, 2025

उत्तिष्ठ कौन्तेय


अर्जुन, उठ  
गांडीव उठाओ !

रथ पर चढ़ 
प्रत्यंचा खींचो 
अपना धर्म निभाओ 

भ्रम का समय 
सोच की वेला 
बात-चीत
चिंतन की चर्चा 
सबका काल है बीता

आगे है यह 
समय कर्म का 
ना दर्शन या  
न्याय मर्म का 

बढ़ आगे 
इतिहास लिखो तुम 
धर्म युद्ध को जीत 
शत्रु को 
अब इतिहास बनाओ 

आत्म दया से ऊपर उठकर 
क्षात्र भाव को याद करो फिर 
रथ पर चढ़ प्रत्यंचा खींचो 
क्षत्रिय धर्म निभाओ 

उठो पार्थ 
अब धर्म पुकारे 
युद्ध की वेला में कर्मों से 
बन सिद्धार्थ दिखाओ !

Sunday, October 19, 2025

One day, some day...

No matter how large the tree is, one day it ought to fall!

सदा न काहू के रही प्रीतम की गल बाँह
ढलते ढलते ढल गई सब तरुअन की छाँह
 

 

Saturday, October 11, 2025

The Shadows

Sometimes, I like the shadows
 more than the actual, real pictures... 
the shadows of past
the shadows of seasons
the shadows of anyone
for shadows don't leave me 
any darker than I already was!



 

Wednesday, August 13, 2025

कितना अकेला

मिल चुका हूँ इतने लोगों से मगर मैं 

आज भी कितना अकेला अपने अंदर 




 

Wednesday, May 28, 2025

चिड़िया उड़ गई

चिड़िया उड़ गई, नाम रह गया
उसको रोना काम रह गया


 

Wednesday, March 19, 2025

बंगाल की मैं शाम-ओ-सहर देख रहा हूँ

 देखा नहीं जाता है मगर देख रहा हूँ



रहमत का चमकने को है फिर नैयिर-ए-ताबां
होने को है इस शब की सहर देख रहा हूँ



Thursday, March 6, 2025

Figure the figs

तुम्हारे साथ देखा था जो मंज़र 
अब नहीं दिखता, 
तुम्हारे बिन है सब बंजर 
रब नहीं दिखता !


 

Wednesday, January 1, 2025

मेरी भी आभा है इसमें

नए गगन में 
नया सूर्य
जो चमक रहा है 
मेरी भी 
आभा है इसमें 


 

Monday, November 18, 2024

खोए हुए अर्थ


ओखली, पुआल, खूँटे, उपले
छोटे-छोटे शब्द बनकर चले गए
एक-एक कर के 
शब्दकोश के भीतर


Saturday, November 9, 2024

बाँधो न नाव इस ठाँव, बंधु!

बाँधो न नाव इस ठाँव, बंधु! 

पूछेगा सारा गाँव, बंधु! 


यह घाट वही जिस पर हँसकर, 

वह कभी नहाती थी धँसकर, 

आँखें रह जाती थीं फँसकर, 

कँपते थे दोनों पाँव, बंधु! 

Monday, October 21, 2024

बचपन के खिलौने सा...

बचपन के खिलौने सा कहीं छुपा लूँ तुम्हें
आँसू बहाऊँ, पाँव पटकूँ और पा लूँ तुम्हें  


 

Thursday, July 11, 2024

Thursday, June 27, 2024

जटायोः शौर्यम्

वृद्धोऽहं त्वं युवा धन्वी सरथः कवची शरी। 
न चाप्यादाय कुशली वैदेहीं मे गमिष्यसि।। 


 

Tuesday, June 18, 2024

राजा तोते

बाड़े - बाड़ी 
महल - दुमहले 
बड़ी समाधि 
छोटी छतरी 
तोपें दुर्ग 
किले मीनारें 
जिनके कारन 
सेना भिड़ गयीं
राजा लड़ गए 
रानी जल गयीं 
वक्त के साथ ही 
साफ़ हुए सब 
खानदान भी 
ख़ाक हुए सब 
चढ़ते सूरज के ढलने पर 
शाम के साथ ही 
लॉक हुए सब।  
अब इन सबकी   
सेना तोते 
परजा तोते 
वक्त के अंतिम 
राजा तोते ! 


 

Wednesday, June 12, 2024

चिड़ियों सा प्रेम

मेरा प्रेम 

दूर गगन में 

उड़ती चिड़ियों सा 

होता है।   


किसी रीत को माने बिन वो, 

सभी लीक का बंधन तोड़े, 

उड़ता तेरी ओर  सदा ही

तेरी छाया में सुस्ताने 

तेरी आँखों का जल पीने 

तेरे वक्षस्थल में कुछ 

दाने चुग लेगा, 

लेकिन तेरे बंधन से भी 

बंधना चाहे नहीं जो ऐसा 

मेरा प्रेम 

दूर गगन में 

उड़ती चिड़ियों सा 

होता है।


Friday, April 26, 2024

गौरैया, तुम्हारा नाम क्या था

Few days back, I went to a place to teach some sessions. 
Their guest house had these sparrow-huts. 
Sparrows were nesting and chirping all over the place.
Best thing I saw in a long while!