Monday, July 29, 2013

सतपुड़ा के घने जंगल

सतपुड़ा के घने जंगल।
नींद मे डूबे हुए से
ऊँघते अनमने जंगल।
झाड ऊँचे और नीचे,
चुप खड़े हैं आँख मीचे,
घास चुप है, कास चुप है
मूक शाल, पलाश चुप है।
बन सके तो धँसो इनमें,
धँस न पाती हवा जिनमें,
सतपुड़ा के घने जंगल
ऊँघते अनमने जंगल।  


अटपटी-उलझी लताऐं,
डालियों को खींच खाऐं,
पैर को पकड़ें अचानक,
प्राण को कस लें कपाऐं।
सांप सी काली लताऐं
बला की पाली लताऐं
लताओं के बने जंगल
नींद मे डूबे हुए से
ऊँघते अनमने जंगल।


मकड़ियों के जाल मुँह पर, 
और सर के बाल मुँह पर 
मच्छरों के दंश वाले, 
दाग काले-लाल मुँह पर, 
वात- झन्झा वहन करते, 
चलो इतना सहन करते, 
कष्ट से ये सने जंगल, 
अजगरों से भरे जंगल।
अगम, गति से परे जंगल
सात-सात पहाड़ वाले,
बड़े छोटे झाड़ वाले,
शेर वाले बाघ वाले,
गरज और दहाड़ वाले,
कम्प से कनकने जंगल,
नींद मे डूबे हुए से 
ऊँघते अनमने जंगल


इन वनों के खूब भीतर, 
चार मुर्गे, चार तीतर 
पाल कर निश्चिन्त बैठे, 
विजनवन के बीच बैठे, 
झोंपडी पर फ़ूंस डाले 
गोंड तगड़े और काले। 
जब कि होली पास आती, 
सरसराती घास गाती, 
और महुए से लपकती, 
मत्त करती बास आती, 
गूंज उठते ढोल इनके, 
गीत इनके, बोल इनके

(सतपुड़ा के घने जंगल 
नींद मे डूबे हुए से 
ऊँघते अनमने जंगल )


जागते अँगड़ाइयों में,
खोह-खड्डों खाइयों में,
घास पागल, कास पागल,
शाल और पलाश पागल,
लता पागल, वात पागल,
डाल पागल, पात पागल
मत्त मुर्गे और तीतर,
इन वनों के खूब भीतर।
क्षितिज तक फ़ैला हुआ सा,
मृत्यु तक मैला हुआ सा,
क्षुब्ध, काली लहर वाला
मथित, उत्थित जहर वाला,
मेरु वाला, शेष वाला
शम्भु और सुरेश वाला
एक सागर जानते हो,
उसे कैसा मानते हो?
ठीक वैसे घने जंगल,
नींद मे डूबे हुए से 
ऊँघते अनमने जंगल 


धँसो इनमें डर नहीं है, 
मौत का यह घर नहीं है, 
उतर कर बहते अनेकों, 
कल-कथा कहते अनेकों, 
नदी, निर्झर और नाले, 
इन वनों ने गोद पाले। 
लाख पंछी सौ हिरन-दल, 
चाँद के कितने किरन दल, 
झूमते बन-फ़ूल, फ़लियाँ, 
खिल रहीं अज्ञात कलियाँ, 
हरित दूर्वा, रक्त किसलय, 
पूत, पावन, पूर्ण रसमय 
सतपुड़ा के घने जंगल, 
लताओं के बने जंगल।

- भवानी प्रसाद मिश्र

Tuesday, July 16, 2013

India!!


If you don't get this idiocy of putting up a picture of a beehive and entitling the post "India", READ THIS and shoot yourself, for despite all your intelligence, you are wasting your time on this blog and this chump is dreaming of ruling the... well, "The Beehive". 

Monday, July 1, 2013

It's school-time again!!

Take out your books and school-bags,
umbrellas and raincoats, 
and pray for a rainy-day before school!! 


Tuesday, June 25, 2013

30 years to that victory at The Lords

which made cricket a household passion...
and scenes like above a common sight pan-India!
India's first title victory in 
The One-Day Cricket World Cup: 
June 25, 1983.

Thursday, June 20, 2013

The delights of that chirp

On my recent trip to Mussoorie, I clicked 14 bird species that were not in my records so far.  Sharing two of those - the cutest, smallest, and chirpiest ones! For a better look, click on the picture and view full screen. 

 Oriental White-Eye
Whiskered Yuhina

Thursday, June 13, 2013

बताओ आम!


आम! 
तुम लंगड़े क्यों कहलाते हो,
जबकि तुम ऎसे नहीं हो!
और अगर तुम लंगड़े नहीं हो 
तो बताओ
क्या तुम पैर वाले हो? 

- शरद जोशी 


Sunday, June 9, 2013

Friday, May 31, 2013

अब वर्षा हो

सब सूखा है 
सब सूना है 

सब रूखा है 
दु:ख दूना है 


अब मेघ उमड़ें 
अब वर्षा हो 

सब प्यासे हैं 
जल छूना है 

Saturday, May 25, 2013

छोटू से पौधे से...

बड़े अरमान से बीजा था 
मेहनत से उसे पोसा 
भरे थे रंग 
लम्हा-लम्हा कर के 
एक-इक रग 
चुन के बांधी थी 
कि हम दो पत्तियों को 
मिल के
इक-दो और 
बुननी थीं
नयी इक नींव 
रखनी थी 
नये वासिक शजर की 
हाँ  
वो इक पौधा था 
इक छोटू से पौधे से 
मेरे होने का 
रिश्ता था 
फ़कत रिश्ता 
नहीं था जो  
मिरे होने का 
बाइस था 


नज़र किसकी लगी 
के रंग बिखरे
हाथ छूटे 
हाफ़िज़ा-ए-लम्स भी 
बिसरा 
किसी इल्ली के 
खाये पत्तों सा 
उधड़ा 
पड़ा है आज 
कैसे 
रग-ब-रग 
खुलकर! 

Friday, May 10, 2013

I was there!!


Orange Bignonia or Flaming Trumpet

These flowers were clicked in a place, 
which became most special for me exactly four years ago.

Wednesday, May 1, 2013

A thought on labor's day

Saw this lady worker few days back 
on a construction sight.
Interpretation and inference - 
leaving to your inclination...


Saturday, April 27, 2013

Sunday, April 21, 2013

बड़ा हसीना था लम्हा


तुम्हे भी याद नहीं और मैं भी भूल गया 
बड़ा हसीना था लम्हा मगर फ़ुज़ूल गया 

Saturday, April 13, 2013

The Make-belief world of Makeup

The best thing is to look natural, 
but it takes makeup to look natural.
- Calvin Klein 


The most beautiful makeup of a woman is passion. 
But cosmetics are easier to buy.
- Yves Saint-Laurent

Monday, April 8, 2013

In our own worldview

We all are a hero - 
the most intelligent, the smartest, and the best - 
in our own worldview. 

Thursday, April 4, 2013

सगन बिन फूल रही सरसों




सगन बिन फूल रही सरसों।
अंबवा फूटे, टेसू फूले, 
कोयल बोले डार-डार,
और गोरी करत सिंगार,
मलनियाँ गुंदवा ले आईं कर सों,
सगन बिन फूल रही सरसों।

 तरह तरह के फूल खिलाए,
ले गुंदवा हाथन में आए।
निज़ामुद्दीन के दरवज्जे पर,
आवन कह गए आशक रंग, 
और बीत गए बरसों।
सगन बिन फूल रही सरसों।
अमीर खुसरो 

Sunday, March 24, 2013

Thursday, March 21, 2013

यादे-दयारे-जाने-आलम


बंगाल की मैं शाम-ओ-सहर देख रहा हूँ 
हर चंद कि हूँ दूर मगर देख रहा हूँ 

रहमत का चमकने को है फिर नय्यरे-ताबां  
होने को है इस शब की सहर देख रहा हूँ 

Monday, March 18, 2013

अंगूर की बेटी

उसकी बेटी ने उठा रक्खी है दुनिया सर पर 
ख़ैरियत गुज़री कि अंगूर के बेटा न हुआ

Friday, March 8, 2013

Demoiselle Cranes

Demoiselle cranes are named such due to their graceful beauty - 
Demoiselle is French for Damsel. 
Cranes are a very interesting creature. 
They, like few very select species, make pairs for life. 
Not all pairs are made for life though... 
at least, not the ones that began today... 
6 years ago!

Tuesday, March 5, 2013

ये ऐश-ट्रे भरती जा रही है...

बहुत से आधे बुझे हुए दिन पड़े हैं इसमें

बहुत सी आधी जली हुई रातें गिरी पड़ी हैं