Monday, September 16, 2013

Each to his passion

Bee to the blossom
Moth to the flame
Each to his passion
What's in a name!

Helen Hunt Jackson 

Thursday, September 12, 2013

तुम्हारी आस में

तुम्हारी मेज़ पर छोटा सा उल्लू बैठा था 
तुम्हारी आस में अब वोह नहीं रहा जानम 


Sunday, September 8, 2013

थमी है ज़िन्दगी की गाड़ी यूँ

कुछ कहीं टूट गया है शायद
कुछ कहीं छूट गया है शायद 
कोई तदबीर तो हो 
बात कुछ पता तो चले 
थमी है ज़िन्दगी की गाड़ी यूँ 
कोई कुछ रूठ गया है शायद  


Tuesday, September 3, 2013

फ़रिश्तों अब तो सोने दो


शबे-फ़ुरकत का जागा हूँ 
फ़रिश्तों अब तो सोने दो 
कभी फ़ुरसत में कर लेना 
हिसाब, आहिस्ता-आहिस्ता