Friday, April 29, 2022

आस जो टूट गयी

फिर से बँधाता क्यूँ है 


बेनाम सा ये दर्द ठहर क्यों नहीं जाता
जो बीत गया है वो गुज़र क्यों नहीं जाता

सबकुछ तो है क्या ढूंढती रहती हैं निगाहें
क्या बात है मैं वक़्त पे घर क्यों नहीं जाता

वो एक ही चेहरा तो नहीं सारे जहाँ में
जो दूर है वो दिल से उतर क्यों नहीं जाता

Wednesday, April 6, 2022

पुराना खिलौना

इक खिलौना टूटा फिर तो इक नया मिल जाएगा
मैं नहीं तो कोई तुझको दूसरा मिल जाएगा