Thursday, September 21, 2017

गुमशुदा सूरज


हर पुराने शहर के 
साये में 
डूबता सूरज 
ऐसा लगता है 
बस कि 
डूब गया !
अब कभी लौटने वाला है 
या कभी भी नहीं,
शाम वापिस करेगी 
उसको या 
बाँट देगी कहीं 
तिनका तिनका ?
छोड़ जाता है
कुछ सवाल 
कई याद 
और 
डर कितने,
पुराने शहर के 
दरिया में 
गुमशुदा सूरज ! 

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