Thursday, February 20, 2014

वसन्त - 16

गुलमुहर तुमने हमेशा देखा होगा -
 गहरे सुर्ख रंग में खिला हुआ!
लेकिन एक गुलमुहर ये भी है - 
सुर्ख नहीं, उड़ा-उड़ा सा, टूटा सा... 
खूबसूरत और पाकीज़ा ये कम नहीं, 
लेकिन पूछो खुद से तो पता चले शायद 
कि ये सुर्ख होने के अपने अंजाम तक
क्यूँ नहीं पहुंचा! 

Gulmohar

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